हमारा परिवार

कोई कहता है खुशी तब होता है जब दिन रविवार होता है तोह कोई कहता है जब कोई त्योहार होता है
पर असल में तो खुशी तब होता है जब साथ पूरा परिवार होता है

हम लरते भी है और प्यार भी करते है

इसे पढ़े

मेरा परिवार, मेरी फैमली मेरी जान हैं, इससे ही मेरी असली पहचान हैं.

जहाँ सूर्य की किरण हो वहीं प्रकाश होता है,
और जहाँ प्रेम की भाषा हो वहीं परिवार होता है.

ना कोई राह आसान चाहिए,
ना ही हमें कोई पहचान चाहिए,
एक ही चीज माँगते है रोज भगवान से
अपनों के चेहरे पर हर पल प्यारी से मुस्कान चाहिए…

इस प्यारी सी दुनिया में एक छोटा सा मेरा परिवार है,
खुशियाँ मुझे इतनी मिलती है जैसे रोज कोई त्यौहार है.

बहुतों से मैंने मुहब्बत की
और बहुतों ने मेरी दिल को तोड़ा,
अच्छे हो या बुरा हर हालात में
मेरे परिवार ने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा।

बड़े अनमोल है ये खून के रिश्तें इनको तू बेकार ना कर,
मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई घर के आँगन में दीवार ना कर…

मूरत ईश्वर की बनने को कुम्हार के हाथों आकार चाहिए,
ऐसे जीवन की नैया खेने को परिवार रुपी पतवार चाहिए।

परिवार - वह अपने बारे में सोचने से पहले
आपके बारे में सोचते हैं

हर मुसीबत में, जो साथ में खड़ा एक दिवार होता हैं
हमारी ताकत हमारी जान वही परिवार होता हैं
ये खून के रिश्ते बड़े मजबूत होते हैं साहब
बस किस्मत वालो के नसीबो में ऐसा प्यार होता हैं

जिन्दगी में किसी का साथ काफी है,
कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास फ़र्क नही पड़ता,
सच्चे रिश्तों का तो बस एहसास काफ़ी हैं…

वो हर बार तुम्हे अपनाएंगे
चाहे हर बार उन्हें ठुकरा देना
अगर परिवार से बड़ी कोई मोहब्बत मिली
तो मुझे जिन्दा दफना देना

न कोई रास्ता आसान चाहिए,
न ही कोई सम्मान चाहिए,
एक ही चीज माँगते है रोज ऊपर वाले से,
परिवार के चेहरे पर
हर पल प्यारी सी मुस्कान चाहिए...

घर तो इट और रेत से बन जाता हैं
पर परिवार तो प्रेम से बनता हैं

जिसके पास परिवार नहीं है
उससे पूछो वह क्या होता है
जब कभी भी जिंदगी में कोई मुश्किल हो
तो परिवार ही हैं जो हमेशा साथ खड़ा होता है

परिवार के साथ 🗺

🖤

🖤

🖤

🖤

🖤

परिवार के बिना 🗺

🖤

🖤

🤍

🤍

🤍

परिवार साथ हो तो

परिवार साथ हो तो बच्चें इतिहास रचा कर रख देगे
सुंदर कर्मों से एक नया आकाश रचा कर रख देंगे
परिवार साथ हो तो बेटी धरती आकाश नाप डाले
हर प्रयास से सफलता का पूर्ण विन्यास नाप डाले
परिवार साथ हो तो संताने कृष्ण राम जैसी होंगी
वो वरदान विधाता का अब्दुल कलाम जैसी होगी
परिवार छाँव है बरगद की परिवार सुखों के डेरे है
ये घोर निशा में दीपक है और पावन मधुर सवेरे है